डुअल-चैंबर पेसमेकर इम्प्लांटेशन कर चिकित्सकों ने बचाई मैराथन रनर की जान
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न्यूज़म इंडिया/ब्यूरो
गुरुग्राम। स्वास्थ्य सेवाओं में गुरुग्राम का मेडिकल हब के रूप में पहचान मिल चुकी है। जहां देश-विदेश के लोग गुरुग्राम पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। इस मरीज का उपचार अत्याधुनिक मेडिकल तकनीकों से एवं चिकित्सकों द्वारा किया गया।
58 वर्षीय एक मैराथन रनर की डुअल-चैंबर पेसमेकर इम्प्लांटेशन कर जान बचाई है। अस्पताल के कार्डियोलॉजी डायरेक्टर डॉ. अमित भूषण शर्मा ने टीम ने यह कारनामा कर दिखाया है। उनका कहना है कि उत्तर भारत में पहली बार इस प्रकार का उपचार किया गया है।
58 वर्षीय मैराथन रनर बिना किसी लक्षण के कार्डियक इलेक्ट्रिकल डिसऑर्डर की वजह से उनके कई बार अचानक बेहोश हो जाने पड़े थे। हृदय की बीमारी न होने के बावजूद यह स्थिति उनके जीवन के लिए गंभीर खतरा बन गई थी।
अस्पताल में उन्हें बेहोशी की हालत में भर्ती किया गया था। आवश्यक जांच करने के बाद मरीज का अचानक बेहोश होने की वजह का पता चल गई और पेसमेकर लगाने को सबसे उपयुक्त समझा गया। बिना देरी किए पेसमेकर लगाया गया।
डॉ. अमित भूषण शर्मा ने आमजन को सलाह दी है कि इस प्रकार का यह मामला पूरी तरह चिकित्सक के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। यदि मरीज को बार-बार अचानक बेहोशी हो रही हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह बिना किसी चेतावनी के भी हो सकता है।